Hanuman Chalisa

Select Your Language

Notifications

webdunia
webdunia
webdunia
webdunia

Rambha Teej Date 2026: रम्भा तीज व्रत पूजन के मुहूर्त, उपाय और कथा

Advertiesment
An image of Rambha, the most beautiful Apsara of heaven, on the occasion of the Rambha Teej fast
Rambha Teej Worship: हिंदू धर्म में रम्भा तीज या रम्भा तृतीया महिलाओं के लिए एक बेहद महत्वपूर्ण और चमत्कारी व्रत माना गया है। सुहागिन महिलाएं अपने पति की लंबी उम्र, अच्छी सेहत और संतान प्राप्ति के लिए यह व्रत करती हैं, जबकि मनचाहा जीवनसाथी पाने के लिए कन्याएं इस व्रत रखती हैं। यह व्रत हर साल ज्येष्ठ माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तिथि को रखा जाता है, जो कि आज 17 जून, दिन बुधवार को मनाया जा रहा है।ALSO READ: Rambha Teej 2026: रम्भा तीज व्रत का क्या है महत्व, उपवास की विधि
 

1. रम्भा तीज कब करें? जानें शुभ मुहूर्त 2026

हिंदू पंचांग के अनुसार, इस साल ज्येष्ठ शुक्ल तृतीया तिथि 17 जून 2026, बुधवार को पड़ रही है। इसी दिन रम्भा तीज का व्रत रखा जाएगा। 

तृतीया तिथि शुरू: 17 जून 2026 को मध्यरात्रि (16 जून की रात) 12:52 AM से
 
तृतीया तिथि समाप्त: 17 जून 2026 को रात 09:39 PM तक
 

4. सुख-समृद्धि के लिए विशेष उपाय और मंत्र

 
* दांपत्य जीवन (Married Life) की कड़वाहट दूर करने, धन की कमी मिटाने और आकर्षण बढ़ाने के लिए इस दिन कुछ आसान उपाय किए जा सकते हैं:
 
*  सौंदर्य और यौवन के लिए मंत्र: पूजा के समय इस विशेष मंत्र का कम से कम 108 बार जाप करें। इससे चेहरे पर चमक और आरोग्य की प्राप्ति होती है:
 
'ॐ रंभे अगच्छ पूर्ण यौवन संस्तुते'
 
* धन और समृद्धि के लिए: चूंकि इस दिन लक्ष्मी जी की भी पूजा होती है, इसलिए पूजा के दौरान 'ॐ महालक्ष्म्यै नम:' का जाप करें और मां लक्ष्मी को कमल का फूल या गुलाब अर्पित करें।
 
*  सुहाग की रक्षा के लिए उपाय: पूजा संपन्न होने के बाद श्रृंगार की वस्तुएं- जैसे सिंदूर, चूड़ियां, बिंदी, मेहंदी आदि किसी सुहागिन महिला या किसी मंदिर में ब्राह्मण की पत्नी को दान करें। ऐसा करने से पति-पत्नी के बीच चल रहे आपसी तनाव और क्लेश दूर होते हैं।
 
यदि आप अविवाहित हैं और विवाह में बाधाएं आ रही हैं, तो चूड़ियों के साथ-साथ इस दिन माता पार्वती को पीले फूल और सफेद मिठाइयों का भोग लगाएं; विवाह के योग जल्दी बनेंगे।
 

रम्भा तीज कथा

रम्भा तीज कथा से संबंधित वर्णन वाल्मीकि रामायण मिलता है, इसके अनुसार विश्व विजय करने के लिए जब रावण स्वर्ग लोक पहुंचा तो उसे वहां रम्भा नामक अप्सरा दिखाई दी। रावण ने कामातुर होकर उसे पकड़ लिया। तब अप्सरा रम्भा ने कहा कि आप मुझे इस तरह से स्पर्श न करें, मैं आपके बड़े भाई कुबेर के बेटे नलकुबेर के लिए आरक्षित हूं। इसलिए मैं आपकी पुत्रवधू के समान हूं। लेकिन रावण ने उसकी बात नहीं मानी और रम्भा से दुराचार किया।
 
यह बात जब नलकुबेर को पता चली तो उसने रावण को शाप दिया कि आज के बाद रावण बिना किसी स्त्री की इच्छा के उसको स्पर्श नहीं कर पाएगा और यदि करेगा तो उसके मस्तक के सौ टुकड़े होकर वह बंट जाएगा।
 
अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।ALSO READ: Dvidvadasha Yoga: दुर्लभ द्विद्वादश योग से 4 राशियों को होगा बड़ा लाभ, जानिए कहीं आपकी राशि भी तो नहीं

Share this Story:

Follow Webdunia Hindi

अगला लेख

Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (17 जून, 2026)