Biodata Maker

विशेष संख्या में पूजा सामग्री करें अर्पण, जानिए खास वस्तुएं

पं. हेमन्त रिछारिया
0
आपने अक्सर पूजा पद्धति के दौरान पंचामृत,पंचगव्य,पंचरत्न,सप्तधान्य,सप्तमृतिका के बारे में सुना होगा। लेकिन क्या आप जानते हैं कि शास्त्रानुसार इनके अन्तर्गत कौन सी वस्तुएं आती हैं? आइए जानें पंच, सप्त, अष्ट और दश की महत्ता.... 
 
पंचामृत
1. गौदुग्ध 
2. गौघृत (गाय का घी) 
3. दही (गाय के दूध से बना)
4. गंगोदक (गंगाजल/नर्मदाजल)
5. शहद
 
पंचगव्य-
1. गौमूत्र
2. गाय का गोबर
3. गौदुग्ध
4. गौघृत (गाय का घी) 
5. दही (गाय के दूध से बना)
 
पंचपल्लव-
1. पीपल का पत्ता
2. आम का पत्ता
3. गूलर का पत्ता
4. बड़ का पत्ता
5. अशोक का पत्ता 

सप्तधान्य-
1. जौ
2. गेहूं
3. चावल
4. तिल
5. कंगनी
6. उड़द
7. मूंग
 
सप्तधातु-
1. स्वर्ण
2. चांदी
3. तांबा
4. लोहा
5. रांगा
6. सीसा
7. ऑरकुट
 
सप्तमृतिका- 
1. हाथी के पांव की
2. अस्तबल की
3. नदी संगम की
4. तालाब की
5. बामी की
6. दीमक की
7. राजद्वार या गौशाला की

अष्टमहादान-
1. कपास
2. नमक
3. घी
4. सप्तधान्य
5. स्वर्ण
6. लोहा
7. भूमि
8. गौदान
 
अष्टांगअर्घ्य-
1. जल
2. पुष्प
3. कुशा का अग्रभाग
4. दही
5. चावल
6. केशर
7. दूर्वा
8. सुपारी
 
दशमहादान-
1. गौ
2. भूमि
3. तिल
4. स्वर्ण
5. चांदी 
6. वस्त्र
7. धान्य
8. गुड़
9. घी
10. नमक
 
-ज्योतिर्विद् पं. हेमन्त रिछारिया
सम्पर्क: astropoint_hbd@yahoo.com
Show comments

ज़रूर पढ़ें

कौन था मायावी कालनेमि? योगी आदित्यनाथ के बयान के बाद क्यों छिड़ी है सनातन पर नई बहस?

Video: यमुना नदी में कालिया नाग का अवतार? सोशल मीडिया पर वायरल दावे का जानिए पूरा सच

Vastu Remedies: वास्तु दोष निवारण के सबसे असरदार 5 उपाय

मकर राशि में बना दुर्लभ पंचग्रही योग, इन 5 राशियों की किस्मत में होगा बड़ा बदलाव

Gupt Navratri: गुप्त नवरात्रि में मां कालिका की यह साधना क्यों मानी जाती है खास? जानिए रहस्य

सभी देखें

नवीनतम

Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (25 जनवरी, 2026)

25 January Birthday: आपको 25 जनवरी, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 25 जनवरी 2026: रविवार का पंचांग और शुभ समय

Weekly Rashifal 2026: साप्ताहिक राशिफल (26 जनवरी से 01 फरवरी 2026): जानिए इस सप्ताह आपके सितारे क्या कहते हैं!

Rath Saptami 2026: रथ सप्तमी का अर्थ, आरती, पूजा विधि, चालीसा और लाभ

अगला लेख