'वेबदुनिया' के पाठकों के लिए 'पाक्षिक-पंचांग' श्रंखला में प्रस्तुत है पौष शुक्ल पक्ष का पाक्षिक पंचांग-
'पाक्षिक-पंचांग': पौष शुक्ल पक्ष
संवत्सर- परिधावी
संवत्- 2076 शक संवत् :1941
माह- पौष
पक्ष-शुक्ल पक्ष (27 दिसंबर से 10 जनवरी तक)
ऋतु: शिशिर
रवि: उत्तरायणे
गुरु तारा- अस्त स्वरूप
शुक्र तारा- उदित स्वरूप
सर्वार्थ सिद्धि योग- 28 दिसंबर, 5 जनवरी, 7 जनवरी, 8 जनवरी, 10 जनवरी
अमृतसिद्धि योग- 3 जनवरी
द्विपुष्कर योग- अनुपस्थित
त्रिपुष्कर योग- 28 दिसंबर, 7 जनवरी
रविपुष्य योग- अनुपस्थित
गुरुपुष्य योग- अनुपस्थित
एकादशी- 6 जनवरी (पुत्रदा एकादशी व्रत)
प्रदोष- 8 जनवरी
भद्रा- 29 दिसंबर (उदय)- 30 दिसंबर (अस्त), 2 जनवरी (उदय)- 3 जनवरी (अस्त), 6 जनवरी (उदय-अस्त), 9 जनवरी (उदय)- 10 जनवरी (अस्त)
पंचक: 30 दिसंबर से प्रारंभ- 4 जनवरी को अस्त
मूल- 2 जनवरी को प्रारंभ- 7 जनवरी को समाप्त
पूर्णिमा- 10 जनवरी
ग्रहाचार: सूर्य-धनु, चंद्र-(सवा दो दिन में राशि परिवर्तन करते हैं), मंगल-वृश्चिक, बुध-धनु, गुरु-धनु, शुक्र-मकर (8 जनवरी से कुंभ राशि में), शनि-धनु, राहु-मिथुन, केतु- धनु
व्रत/त्योहार: 1 जनवरी- ईसवी नववर्ष प्रारंभ, 2 जनवरी- गुरु गोविंद सिंह जयंती, 9 जनवरी- गुरु तारा उदय, 10 जनवरी- मांद्य चंद्रग्रहण
(निवेदन-उपर्युक्त गणनाओं में पंचांग भेद होने पर तिथियों/योगों में परिवर्तन संभव है।)
- ज्योतिर्विद् पं. हेमन्त रिछारिया
प्रारब्ध ज्योतिष परामर्श केन्द्र
सम्पर्क: astropoint_hbd@yahoo.com
About Writer
पं. हेमन्त रिछारिया
ज्योतिर्विद पं. हेमन्त रिछारिया ज्योतिष प्रभाकर उपाधि से सम्मानित हैं। विगत 12 वर्षों से ज्योतिष संबंधी अनुसंधान एवं ज्योतिष से जुड़ी गलत धारणाओं का खंडन कर वास्तविक ज्योतिष के प्रचार-प्रसार में योगदान दे रहे हैं। कई ज्योतिष आधारित पुस्तकों का लेखन।....
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