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शुक्र प्रदोष व्रत रखने के क्या फायदे हैं और जानिए खास 5 उपाय

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In the picture Lord Shiva is seated in deep meditation
Shukra Pradosh Vrat: शुक्र प्रदोष व्रत भगवान शिव को समर्पित एक महत्वपूर्ण व्रत है, जिसे हर महीने कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को रखा जाता है। इस दिन प्रदोष काल में महादेव की पूजा-अर्चना करने से भक्तों को भगवान शिव का विशेष आशीर्वाद प्राप्त होता है। व्रत रखने और विधि-विधान से शिवजी की उपासना करने से जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है और परिवार में खुशहाली आती है। अक्‍टूबर 2026 का आखिरी प्रदोष व्रत 23 अक्‍टूबर, शुक्रवार को रखा जा रहा है। आइए जानते हैं शुक्र प्रदोष व्रत रखने के फायदे हैं और 5 खास उपायों के बारे में विस्‍तार से...

शुक्र प्रदोष व्रत के फायदे

  • प्रदोष व्रत रखने और विधि-विधान से शिवजी की उपासना करने से जीवन में सुख-समृद्धि बनी रहती है, परिवार में खुशहाली आती है और कष्टों से मुक्ति मिलती है।
  • शुक्र ग्रह को प्रेम, आकर्षण और दांपत्य जीवन का कारक माना गया है। यदि पति-पत्नी के बीच तनाव, अनबन या वैवाहिक जीवन में समस्याएं हों तो इस दिन शिव-पार्वती की संयुक्त पूजा से आपसी संबंध मजबूत होते हैं और प्रेम-सौहार्द बढ़ता है।
  • जिन जातकों की कुंडली में शुक्र ग्रह कमजोर स्थिति में हो या शुक्र की महादशा/अन्तर्दशा के कारण जीवन में परेशानियां आ रही हों, उनके लिए यह व्रत रामबाण उपाय माना जाता है। इससे शुक्र ग्रह जनित दोष शांत होते हैं।
  • शुक्र प्रदोष का व्रत करने से दु:ख-दरिद्रता दूर होकर धन, सुख, समृद्धि और संपदा प्राप्त होने के योग बनते हैं। व्यापार में वृद्धि तथा भौतिक सुख-सुविधाओं के योग बनते हैं।
  • इस दिन पूरे विधि-विधान से व्रत रखकर शाम (प्रदोष काल) को शिवजी की पूजा-अर्चना करने से साधक की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और उसके समस्त पाप नष्ट होते हैं।
  • शुक्रवार के दिन पड़ने वाले प्रदोष व्रत से सुख, ज्ञान और मोक्ष मिलता है। इस व्रत के प्रभाव से हर तरह के रोग दूर होकर बीमारियों पर होने वाले खर्च में कमी आती है।

ये हैं शुक्र प्रदोष व्रत के खास 5 उपाय

  • शुक्र प्रदोष व्रत के दिन 'ॐ नमः शिवाय' मंत्र का जप करते हुए अक्षत यानी चावल और कच्चे दूध से शिवलिंग पर अभिषेक करें। इससे आपको धन और वैभव की प्राप्ति होगी। अक्षत पूर्णता का प्रतीक है और दूध चंद्रमा तथा शुक्र को बल देता है।
  • कुंवारी लड़कियां योग्य वर चाहती हैं तो प्रदोष व्रत के दिन सुबह स्नान आदि से निवृत्त होकर साफ-सुथरे वस्त्र धारण कर शिवलिंग का विधिवत पूजन करें। साथ ही शिवलिंग पर फूल, बेलपत्र, गंगाजल, भांग, धतूरा, दूध, चंदन, इत्र आदि समर्पित करें।
  • शुक्र प्रदोष व्रत के दिन किसी शिव मंदिर में चावल या दूध का दान दान कर सकते हैं। ध्यान रहे चावल कोई भी खंडित यानी टूटा हुआ नहीं होना चाहिए। इस उपाय को करने से घर में धन वृद्धि होगी और आय के नए रास्ते खुलेंगे।
  • शुक्र प्रदोष के दिन शाम को शिव मंदिर में महादेव और माता पार्वती को गुलाबी अबीर अर्पित करें। इसके बाद सफेद चंदन में कुछ बूंद इत्र मिलाकर शिवजी को लगाएं। इससे शुक्र ग्रह मजबूत होता है और विवाह की बाधाएं दूर होती हैं।
  • प्रदोष व्रत के दिन शिव मंदिर में भगवान शिव और माता पार्वती को एकसाथ मौली यानी कलावे से 7 बार लपेटें। फिर धागा तोड़ने के बाद उसे बिना गांठ लगाए छोड़ दें। इस उपाय से दांपत्‍य जीवन में आ रही सभी परेशानियां समाप्त होती हैं।

शुक्र प्रदोष व्रत की पूजा विधि एवं नियम

  • प्रातःकाल: सुबह जल्दी उठकर स्नान करें, स्वच्छ वस्त्र (संभव हो तो सफेद या गुलाबी) धारण करें और व्रत का संकल्प लें।
  • सूर्यास्त के लगभग 45 मिनट पहले से लेकर सूर्यास्त के बाद तक का समय प्रदोष काल कहलाता है। इस समय दोबारा स्नान कर शिव मंदिर जाएं या घर पर ही शिव परिवार की आराधना करें।
  • शिवलिंग पर गंगाजल, दूध, दही, शहद और घी से अभिषेक करें। इसके बाद बेलपत्र, धतूरा, सफेद फूल और अक्षत अर्पित करें।
  • धूप-दीप जलाकर शिव-पार्वती की आरती करें, कथा सुनें और अगले दिन सूर्योदय के बाद व्रत का पारण करें।
  • इस दिन तामसिक भोजन (लहसुन, प्याज, मांस, मदिरा) का सेवन न करें, ब्रह्मचर्य का पालन करें और क्रोध करने से बचें।

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