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अक्टूबर 2026 के ग्रह गोचर और नक्षत्र परिवर्तन सहित जानिए प्रमुख व्रत एवं त्योहार

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october 2026 calendar
अक्टूबर 2026 धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टिकोण से बहुत महत्वपूर्ण महीना है। इस महीने शारदीय नवरात्रि, विजयादशमी (दशहरा) और करवा चौथ जैसे प्रमुख त्यौहार आ रहे हैं। इस माह में 26 अक्टूबर तक हिन्दू माह आश्‍विन मास भी रहेगा। इस माह का काफी महत्व मानाया गया है। चलिए जानते हैं इस माह के ग्रह गोचर और व्रत त्योहरों के बारे में।
 

1. मुख्य ग्रह गोचर एवं नक्षत्र परिवर्तन (अक्टूबर 2026)

शुक्र का वक्री होना (3 अक्टूबर):

महीने की शुरुआत में ही 3 अक्टूबर को सौंदर्य, भौतिक सुख और धन के कारक ग्रह शुक्र वक्री अवस्था में आएंगे। शुक्र की वक्री चाल के कारण वित्तीय फैसलों, खरीदारी और व्यक्तिगत संबंधों में सावधानी बरतने की सलाह दी जाती है।

शनि का उत्तर भाद्रपद नक्षत्र में प्रवेश (9 अक्टूबर):

कर्मफलदाता शनि देव 9 अक्टूबर को अपना नक्षत्र परिवर्तन करते हुए रेवती नक्षत्र से निकलकर अपने ही स्वामित्व वाले उत्तर भाद्रपद नक्षत्र में संचरण करेंगे। शनि का अपने नक्षत्र में आना अनुशासन, कड़े परिश्रम और कर्मों के अनुसार फल प्रदान करने की क्षमता को बढ़ाता है।
 

सूर्य की तुला संक्रांति (17 अक्टूबर):

17 अक्टूबर को ग्रहों के राजा सूर्य देव कन्या राशि से निकलकर अपने नीच स्थान तुला राशि में प्रवेश करेंगे। सूर्य के इस गोचर से तुला संक्रांति बनेगी। करियर, प्रशासन और मान-सम्मान के कारक सूर्य के तुला राशि में जाने से कार्यक्षेत्र में साझेदारियों और लेन-देन के मामलों पर गहरा प्रभाव देखने को मिलेगा।
 

बुध का तुला राशि में वक्री होना (24 अक्टूबर):

बुद्धि, वाणी, व्यापार और तर्क के कारक बुध ग्रह 24 अक्टूबर को तुला राशि में वक्री चाल शुरू करेंगे। वक्री अवस्था के दौरान जरूरी दस्तावेजों, समझौते, लेन-देन और संवाद में विशेष सावधानी बरतनी होती है, क्योंकि इस दौरान गलतफहमी या कार्यों में थोड़ी देरी होने की संभावना बनी रहती है।
 

देवगुरु बृहस्पति का सिंह राशि में महागोचर (31 अक्टूबर):

महीने के अंतिम दिन यानी 31 अक्टूबर को इस साल का सबसे बड़ा गोचर होगा। ज्ञान, संतान और समृद्धि के कारक देवगुरु बृहस्पति अपनी उच्च-मित्र राशि सिंह राशि में प्रवेश करेंगे। सिंह राशि में गुरु का प्रवेश आत्मविश्वास, नेतृत्व क्षमता, शिक्षा और आर्थिक उन्नति के नए मार्ग प्रशस्त करेगा।

2. प्रमुख व्रत एवं त्योहारों की तिथियां:

02 अक्टूबर शुक्रवार: गांधी जयंती
03 अक्टूबर शनिवार: जीवितपुत्रिका (जितिया) व्रत, महालक्ष्मी व्रत समाप्त, कालभैरव अष्टमी
06 अक्टूबर मंगलवार: इंदिरा एकादशी (पितृ पक्ष एकादशी)
08 अक्टूबर गुरुवार: प्रदोष व्रत (कृष्ण पक्ष), मासिक शिवरात्रि
10 अक्टूबर शनिवार: सर्वपितृ अमावस्या (पितृ पक्ष का समापन)
11 अक्टूबर रविवार: शारदीय नवरात्रि आरंभ, घटस्थापना, महाराजा अग्रसेन जयंती
16 अक्टूबर शुक्रवार: सरस्वती आह्वान, बिलव निमंत्रण
17 अक्टूबर शनिवार: तुला संक्रांति, सरस्वती पूजा
18 अक्टूबर सोमवार: दुर्गा महाअष्टमी
19 अक्टूबर सोमवार: दुर्गा महाअष्टमी, महानवमी, सन्धि पूजा
20 अक्टूबर मंगलवार: विजयादशमी (दशहरा), आयुध पूजा, दुर्गा विसर्जन
25 अक्टूबर रविवार: शरद पूर्णिमा (कोजागरी लक्ष्मी पूजा)
26 अक्टूबर सोमवार: महर्षि वाल्मीकि जयंती
29 अक्टूबर गुरुवार: करवा चौथ व्रत (करक चतुर्थी)
नोट: नवरात्रि का समापन विजयादशमी के साथ 20 अक्टूबर को होगा, जबकि धनतेरस और दिवाली जैसे पर्व इस वर्ष नवंबर 2026 के प्रथम सप्ताह में मनाए जाएंगे।
 

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