Publish Date: Friday, 30 January 2026 (17:42 IST)
Updated Date: Friday, 30 January 2026 (01:44 IST)
यह पंचक इस समय 27 नवंबर, दिन गुरुवार के दिन शुरू हो रहा है, जिसे ज्योतिष में दोषरहित पंचक माना जाता है, हालांकि पंचक के सामान्य नियमों का पालन करना उचित होता है। यह पंचक 1 दिसंबर तक चलने वाला है।
नवंबर 2025 में पंचक की अवधि कुछ इस प्रकार होगी: पंचक एक खगोलीय घटना है जब चंद्रमा मकर, कुंभ, मीन और मेष राशियों के बीच से गुजरता है, और इसे पंचक काल कहा जाता है। इस दौरान विशेष रूप से धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टिकोण से कुछ कार्यों को शुभ नहीं माना जाता।
नवंबर 2025 में पंचक का समय:
पंचक का आरम्भ- 27 नवंबर 2025, बृहस्पतिवार को 02:07 पी एम से,
पंचक का अंत- 01 दिसंबर 2025, सोमवार को 11:18 पी एम पर होगा।
यह समय उस दौरान रहेगा जब चंद्रमा मकर से शुरू होकर मीन राशि तक जाएगा। खासकर ज्योतिष के हिसाब से पंचक के दौरान कई शुभ कार्य जैसे कि विवाह, गृह प्रवेश, खरीदारी, आदि करने से बचने की सलाह दी जाती है।
पंचक का मतलब: पंचक का अर्थ होता है 'पांच तारे'। जब चंद्रमा उन पांच राशियों से गुजरता है (मकर, कुंभ, मीन, मेष, वृष) तब इसे पंचक कहा जाता है। इस दौरान विशेष ध्यान रखने की बात होती है, क्योंकि यह काल कठिनाइयों या संकट का प्रतीक माना जाता है।
पंचक का प्रभाव: धार्मिक दृष्टिकोण से पंचक का समय विशेष रूप से प्रार्थना, ध्यान, तपस्या और धार्मिक अनुष्ठान करने के लिए होता है। यह समय किसी भी नई शुरुआत या खासकर शुभ कामों के लिए के लिए अशुभ माना जाता है।