Festival Posters

Select Your Language

Notifications

webdunia
webdunia
webdunia
webdunia

Lunar Occultation:आज रात चंद्रमा द्वारा लूनर ऑकल्टेश, अद्भुत रहेगा नजारा

Advertiesment
हमें फॉलो करें Lunar Occultation moon

WD Feature Desk

, सोमवार, 2 फ़रवरी 2026 (10:13 IST)
आज 2 फरवरी 2026 की रात Regulus (मघा नक्षत्र का सबसे चमकीला तारा) का चंद्रमा द्वारा 'लूनर ऑकल्टेशन' (Lunar Occultation) होगा, यानी चंद्रमा इस तारे के सामने से गुजरेगा, जिससे यह कुछ समय के लिए ओझल दिखाई दे सकता है। सरल शब्दों में कहें तो लूनर ऑकल्टेशन (Lunar Occultation) अंतरिक्ष में होने वाली लुका-छिपी के खेल जैसा है। ज्योतिष और खगोल विज्ञान में इसका विशेष महत्व होता है।

यह क्या होता है?

जब चंद्रमा अपनी कक्षा में घूमते हुए पृथ्वी और किसी दूर स्थित तारे (Star) या ग्रह (Planet) के बीच में आ जाता है, तो वह तारा या ग्रह चंद्रमा के पीछे छिप जाता है। इसी घटना को 'लूनर ऑकल्टेशन' कहा जाता है।
 
यह सूर्य ग्रहण (Solar Eclipse) जैसा ही है, बस अंतर यह है कि सूर्य ग्रहण में चंद्रमा सूर्य को ढकता है, जबकि ऑकल्टेशन में चंद्रमा किसी तारे या अन्य ग्रह को ढकता है।
 

यह कैसे काम करता है?

सीधी रेखा: पृथ्वी, चंद्रमा और वह तारा/ग्रह एक सीधी रेखा में आ जाते हैं।
ओझल होना (Disappearance): चंद्रमा के आगे बढ़ने पर तारा उसके एक किनारे से अचानक गायब हो जाता है।
पुनरागमन (Reappearance): कुछ समय बाद, तारा चंद्रमा के दूसरी ओर से वापस दिखाई देने लगता है।
 

आज (2 फरवरी 2026) का संदर्भ

आज चंद्रमा मघा नक्षत्र के सबसे चमकीले तारे Regulus (रेगुलस) को कवर करेगा। ज्योतिष शास्त्र में इसे महत्वपूर्ण माना जाता है क्योंकि मघा नक्षत्र का स्वामी केतु है और इसका संबंध पितरों और शक्ति से है।
 
Regulus को 'शाही तारा' (Royal Star) कहा जाता है। जब चंद्रमा इसे ढकता है, तो माना जाता है कि यह सत्ता, राजनीति और नेतृत्व से जुड़े मामलों में बड़े बदलाव का संकेत देता है।
 

ऑकल्टेशन के प्रकार

Planetary Occultation: जब चंद्रमा मंगल, शुक्र या बृहस्पति जैसे किसी ग्रह को ढकता है।
Stellar Occultation: जब चंद्रमा किसी दूर स्थित तारे (जैसे आज का रेगुलस) को ढकता है।
Grazing Occultation: जब चंद्रमा का केवल किनारा किसी तारे को छूकर निकलता है, जिससे तारा बार-बार चमकता और बुझता हुआ दिखाई देता है।
 

खगोलीय महत्व:

वैज्ञानिक इस घटना का उपयोग चंद्रमा की सटीक स्थिति मापने और उन तारों के व्यास (Diameter) का पता लगाने के लिए करते हैं जो बहुत दूर हैं।

Share this Story:

Follow Webdunia Hindi

अगला लेख

सोमवार के दिन करें ये खास उपाय, पूरा दिन रहेगा अच्छा