Publish Date: Thu, 12 May 2022 (17:33 IST)
Updated Date: Thu, 12 May 2022 (17:44 IST)
वैशाख माह चल रहा है 16 मई 2022 को वैशाख पूर्णिमा के दिन यह माह समाप्त हो जाएगा। इस माह में दान-पुण्य करने का बहुत महत्व है। भविष्य पुराण, आदित्य पुराण में वैशाखी पूर्णिमा को अत्यंत पवित्र एवं फलदायी माना गया है। यदि पूरे माह कुछ नहीं कर पाएं हैं तो अब जल से भरी एक छोटी मटकी मंदिर में रख दें।
1. वैशाख पूर्णिमा के दिन धर्मराज के निमित्त जल से भरा हुआ कलश, पकवान एवं मिष्ठान दान करना, गौदान के समान फल देने वाले बताए गए हैं।
2. वैशाख महीने में गर्मी बहुत बढ़ जाती है। इसलिए इस महीने में खासतौर से शिवालयों में जल दान का विधान है। यही वजह है कि शिव मंदिरों में भगवान भोलेनाथ के ऊपर जलधारा के लिए पानी से भरी मटकी में छेद कर कुशा लगाई जाती है जिससे लगातार शिवलिंग पर जल टपकता रहे।
3. स्कंद पुराण में भी बताया गया है कि वैशाख महीने में जल का दान करना चाहिए, पशु-पक्षियों के लिए पानी की व्यवस्था करनी चाहिए और शिवलिंग पर जल चढ़ाना चाहिए। मौसम के मुताबिक ऐसा करने से कई गुना पुण्य मिलता है।
4. जल से भरा मिट्टी का घड़ा मंदिर में दान करें। साथ ही कुल्हड़, सकोरे भी दान करें। इससे आपके जीवन के सभी संकट मिटकर सुख, समृद्धि और धन की प्राप्ति होगी।