Hanuman Chalisa

काल भैरव अष्टमी 2018 : कौन है काल भैरव, उनकी उपासना से क्या मिलता है फल, जानिए 10 विशेष बातें...

Webdunia
जो व्यक्ति भैरव जयंती को अथवा किसी भी मास के कृष्ण पक्ष की अष्टमी तिथि को भैरव का व्रत रखता है, पूजन या उनकी उपासना करता है वह समस्त कष्टों से मुक्त हो जाता है। 
 
भगवान काल भैरव अपने भक्तों के कष्टों को दूर कर बल, बुद्धि, तेज, यश, धन तथा मुक्ति प्रदान करते हैं। यहां पाठकों के लिए प्रस्तुत है काल भैरव से संबंधित 10 विशेष बातें...
 
चमत्कारी भैरव मंत्र-  'ह्रीं बटुकाय आपदुद्धारणाय कुरू कुरू बटुकाय ह्रीं'।  
 
* भैरव को शिव जी का अंश अवतार माना गया है। रूद्राष्टाध्याय तथा भैरव तंत्र से इस तथ्य की पुष्टि होती है। 
 
* भैरव जी का रंग श्याम है। उनकी चार भुजाएं हैं, जिनमें वे त्रिशूल, खड़ग, खप्पर तथा नरमुंड धारण किए हुए हैं। 
 
* उनका वाहन श्वान यानी कुत्ता है। 
 
* भैरव श्मशानवासी हैं तथा ये भूत-प्रेत, योगिनियों के स्वामी हैं। 
 
* भक्तों पर कृपावान और दुष्टों का संहार करने में सदैव तत्पर रहते हैं। 
 
* रविवार एवं बुधवार को भैरव की उपासना का दिन माना गया है। 
 
* भैरव जयंती, भैरव अष्‍टमी के दिन कुत्ते को मिष्ठान खिलाकर दूध पिलाना चाहिए। 
 
* भैरव की पूजा में श्री बटुक भैरव अष्टोत्तर शत-नामावली का पाठ करना चाहिए। 
 
* भैरव की प्रसन्नता के लिए श्री बटुक भैरव मूल मंत्र का पाठ करना शुभ होता है। 
 
* श्री काल भैरव अपने उपासक की दसों दिशाओं से रक्षा करते हैं। 

सम्बंधित जानकारी

Show comments

ज़रूर पढ़ें

गीता के छठे अध्याय के 10वें श्लोक की सही व्याख्या क्या है? मौलाना जरजिस अंसारी के दावे की पड़ताल

Devshayani Ekadashi 2026: देवशयनी एकादशी से शुरू होंगे चातुर्मास, 4 महीने के लिए लग जाएगी मंगल कार्यों पर रोक

सूर्य का कर्क राशि में गोचर: कर्क संक्रांति से देश, दुनिया और आपके जीवन पर क्या होगा असर?

पुरी के जगन्नाथ मंदिर और रथयात्रा का इतिहास: कब, कैसे और क्यों हुई शुरुआत?

श्री जगन्नाथ रथयात्रा से जुड़े 12 ऐसे रोचक तथ्य, जिन्हें जानकर आप भी रह जाएंगे हैरान

सभी देखें

नवीनतम

Ashadhi Ekadashi Date 2026: आषाढ़ी एकादशी पूजा विधि और शुभ मुहूर्त

सूर्य का पुष्य नक्षत्र में प्रवेश: शनि के नक्षत्र में गोचर से इन 4 राशियों पर मंडरा सकता है संकट

Parvati Jayanti 2026: पार्वती जयंती, जानिए क्या है इस दिन का महत्व और कथा

देवशयनी एकादशी कब है, क्या करते हैं इस दिन, जानिए महत्व

आषाढ़ गुप्त नवरात्रि की सातवीं देवी मां धूमावती, जानिए पूजा विधि

अगला लेख