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ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष का पाक्षिक पंचांग : वट सावित्री व्रत 15 मई को

पं. हेमन्त रिछारिया
* 'पाक्षिक-पंचांग': ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष विशेष

 
'वेबदुनिया' के पाठकों के लिए 'पाक्षिक-पंचाग' श्रृंखला में प्रस्तुत है प्रथम ज्येष्ठ माह के कृष्ण पक्ष का पाक्षिक पंचांग-
 
संवत्सर- विरोधकृत 
संवत्- 2075 
शक संवत् :1940
माह-ज्येष्ठ (प्रथम)
पक्ष-कृष्ण पक्ष
ऋतु-ग्रीष्म 
रवि-उत्तरायणे
गुरु तारा- उदित स्वरूप
शुक्र तारा- उदित स्वरूप
सर्वार्थ सिद्धि योग- 2 मई, 7 मई  
अमृत सिद्धि योग- 2 मई
द्विपुष्कर योग- अनुपस्थित
त्रिपुष्कर योग- 1 मई 
रवि-पुष्य योग- अनुपस्थित
गुरु-पुष्य योग- अनुपस्थित
एकादशी- 11 मई (अचला/अपरा एकादशी व्रत)
प्रदोष- 13 मई
भद्रा- 2 मई (उदय)-3 मई (अस्त), 6 मई (उदय-अस्त), 10 मई (उदय-अस्त), 13 मई (उदय)- 14 मई (अस्त), 
पंचक- 8 मई से प्रारंभ व 13 मई को समाप्त
पूर्णिमा- 15 मई
ग्रहाचार: सूर्य-मेष राशि में (15 मई से वृष राशि में), चन्द्र-(सवा दो दिन में राशि परिवर्तन करते हैं), मंगल-धनु, बुध-मीन, गुरु-तुला, शुक्र-मेष, शनि-धनु, राहु-कर्क, केतु-मकर
व्रत/त्योहार: 3 मई-गणेश चतुर्थी व्रत (चन्द्रोदय रात्रि 10 बजकर 8 मिनट), 15 मई-वट सावित्री व्रत। 
 
- ज्योतिर्विद् पं. हेमन्त रिछारिया
प्रारब्ध ज्योतिष परामर्श केन्द्र
सम्पर्क: astropoint_hbd@yahoo.com

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