Festival Posters

क्या कुंडली में जेल जाने का योग हो तो क्या जेल का खाना खाने से दोष नष्ट हो जाता है?

Webdunia
मंगलवार, 27 सितम्बर 2022 (15:17 IST)
हाल ही में एक खबर वायरल हो रही है कि सहारनपुर में नेताओं की विशेष डिमांड पर जेल में बनी दाल-रोटी भेजी जा रही है। खबरों के अनुसार यह बताया जा रहा है कि जिन नेताओं की कुंडली में ज्योतिषियों ने जेल जाने का बताया है, उसका प्रभाव कम करने या जेल जाने से बचने के लिए जेल में बनी दाल-रोटी मंगाई जा रही है।
 
मामला बड़ा विचित्र बताया जा रहा है। दरअसल, एक नेताजी ने ज्योतिषाचार्य को कुंडली दिखाई तो ज्योतिषाचार्य ने जेल दोष होने की बात कही। इसके कुछ दिनों बाद ही उन नेताजी के खिलाफ एक मुकदमा दर्ज हो गया। इस घटना से नेताजी को ज्योतिषाचार्य की जेल दोष वाली बात पर विश्वास हो गया और अब वह इससे बचने के लिए या जेल दोष को कम करने के लिए जेल अधिकारियों से निवेदन कर जेल में बनी दाल-रोटी घर मंगाकर खा रहे हैं। यह एक मामला नहीं है और भी कई नेताओं की कुंडली में यह दोष होने से कई नेता अब इससे बचने के उपाय कर रहे हैं।
यह भी कहा जा रहा है कि एक रात खुद ही जेल जाकर कैद रहने से यह इस दोष से मुक्ति मिल सकती है या यह दोष कम हो सकता है। कुछ ज्योतिषाचार्यों उपाय बता रहे हैं कि जेल की रोटी खा लो या एक दिन जेल की बैरक में रात गुजार लो। इससे जेल के डर से मुक्ति मिल जाएगी। जेल दोष भी कम हो जाएगा।
 
हमने इस संबंध में हमारे ज्योतिष एक्सपर्ट हेमंत रिछारियाजी से बात की तो उन्होंने कहा कि यह शास्त्र सम्मत नहीं है कि जेल की रोटी खाने या एक दिन जेल में रात गुजारने से यह दोष दूर हो जाएगा या कम हो जाएगा। यदि आपने एक दिन जेल में रहकर रात गुजार ली तो यह तो सिद्ध ही हो गया कि आपके जेल जाने का योग था। दूसरी बात यह कि कुंडली में राजदंड योग होता है जो कि कई प्रकार का होता है। जैसे किसी को जुर्माना देना होगा किसी को जेल जाना होगा। 
 
इस राजदंड से बचने के लिए ग्रहों की शांति का उपाय करना होता है। इससे राजदंड का असर कम हो जाता है। हर व्यक्ति की कुंडली में यह दोष अलग-अलग प्रकार से प्रभाव डालता है। इसे द्वादश भाव से देखा जाता है। इस भाव में जिस तरह के ग्रह हैं उस तरह का ही उसका प्रभाव होगा। प्रत्येक की कुंडली में एक ही तरह का योग बने यह जरूरी नहीं। सभी का ग्रहाधिपति लग्न के अनुसार बदलेगा। ऐसे में इस तरह के उपाय बताना या उपाय करना शास्त्र सम्मत नहीं है।
 
कुंडली में 12वें भाव में यदि मंगल क्रूर का होकर बैठा है तो जातक को कंगाल होकर राजदंड भोगना होता है। इसी तरह ग्रहों की स्थिति के अनुसार यह दंड माना गया है। लेकिन यदि आपके दूसरे ग्रह उच्च के हैं तो आपको राजदंड से वे ग्रह ही बचा लेते हैं। ज्योतिष शास्त्र अनुसार कुंडली के आठवें मतांतर से बारहवें भाव से कारावास तथा सजा का विचार किया जाता है। यहां पर शनि, राहु, केतु और मंगल ही तय करते हैं कि जातक जेल जाएगा या नहीं या जेल जाने के योग से बचेगा या नहीं।

सम्बंधित जानकारी

Show comments

ज़रूर पढ़ें

23 अप्रैल को खुलेंगे बद्रीनाथ धाम के कपाट, पिछले वर्ष के मुकाबले 11 दिन पहले होंगे दर्शन

Numerology Horoscope: साप्ताहिक अंक राशिफल: 26 जनवरी से 1 फरवरी, 2026, नए अवसरों और सफलता का समय

शंकराचार्य विवाद: क्या है पूरा मामला? जानिए वजह और पृष्ठभूमि

Holi: बरसाना में गड़ा होली का डांडा, ब्रज में शुरू हुआ 40 दिनों का रंग और प्रेम उत्सव

कौन था मायावी कालनेमि? योगी आदित्यनाथ के बयान के बाद क्यों छिड़ी है सनातन पर नई बहस?

सभी देखें

नवीनतम

28 January Birthday: आपको 28 जनवरी, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 28 जनवरी 2026: बुधवार का पंचांग और शुभ समय

Vastu tips: ऐसा रखें घर का वास्तु, जानें 5 टिप्स, मिलेंगे बेहतरीन लाभ

मंगल का श्रवण नक्षत्र में गोचर: इन 5 राशियों को मिलेगा बड़ा लाभ, करियर और धन में उछाल

क्या अमेरिका और ईरान के बीच होगा युद्ध, क्या कहती है भविष्‍यवाणी?

अगला लेख