rashifal-2026

क्या आपकी हथेली में है हर्षल क्षेत्र?

Webdunia
हथेली में बुध पर्वत याने कनिष्ठा यानी सबसे छोटी अंगुली से थोड़ा-सा नीचे लगभग उससे सटा हुआ हर्षल क्षेत्र माना गया है। वैसे हर्षल का हमारे प्राचीन ग्रंथों में विवेचन नहीं मिलता। विलियम हर्षल नामक एक वैज्ञानिक ने इसकी खोज की थी। उसी के नाम से हर्षल ग्रह नाम दिया गया है। 
 
हर्षल मानव जीवन को अपने विकिरणीय प्रभाव से आंदोलित रखता है। मानव मस्तिष्क पर इसका विशेष प्रभाव रहता है। इसके प्रभाव से जातक को विज्ञान के आविष्कार में सफलता दिलाता है। यदि हर्षल पूर्ण विकसित हो तो यंत्र संबंधित कार्यों की ओर उन्मुख करता है। 
 
ऐसे जातक मशीनरी के क्षेत्र में, इंजीनियरिंग में सफलता पाते हैं। ऐसे जातक अपने क्षेत्र में प्रसिद्ध होते हैं। यदि किसी की हथेली में हर्षल पर्वत से निकलकर कोई रेखा सूर्य पर्वत पर जाती हो तो वह व्यक्ति प्रसिद्धि पाता है। 
 
हर्षल का झुकाव बुध की ओर हो तो वह व्यक्ति अपनी प्रतिभा का दुरुपयोग करके अपराधी भी बन जाता है। यह चिन्ह हृदय रोग की सूचना भी देता है। हथेली के मध्य भाग में झुका हुआ हर्षल क्षेत्र विलासिता और व्यसनों में लिप्त बनाता है। ऐसे लोगों को पारिवारिक उत्तरदायित्व से दूर कर, पर-नारीगमन, नशे, बुरे कार्य आदि से जोड़ देता है।

Show comments

ज़रूर पढ़ें

Lakshmi Narayan Yoga: कुंभ राशि में बना लक्ष्मी नारायण योग, इन 5 राशियों को अचानक मिलेगा धन लाभ

कुंभ राशि में 18 साल बाद राहु का दुर्लभ संयोग, 10 भविष्यवाणियां जो बदल देंगी जीवन

मकर राशि में मंगलादित्य राजयोग, 4 राशियों को मिलेगा बड़ा लाभ

कुंभ राशि में त्रिग्रही योग, 4 राशियों को मिलेगा बड़ा लाभ

शुक्र का राहु के शतभिषा नक्षत्र में गोचर, 5 राशियों को रहना होगा सतर्क

सभी देखें

नवीनतम

Success in Exams: एक्जाम में पाना है अच्छी सक्सेस, तो करें ये 5 खास उपाय

Angarak Yog 2026: कुंभ राशि में मंगल से बना अंगारक योग, 4 राशियों के लिए शुरू होगा राजयोग का सुनहरा दौर

Amalaki Ekadashi 2026: आमलकी एकादशी का व्रत कब रखा जाएगा, क्या है इसका महत्व?

नकारात्मक ऊर्जा का अंत: घर में रोज जलाएं इस चीज का धुआं, दूर होगी कलह और क्लेश

Aaj Ka Rashifal: आज का दैनिक राशिफल: मेष से मीन तक 12 राशियों का राशिफल (17 फरवरी, 2026)

अगला लेख