Publish Date: Friday, 30 January 2026 (17:42 IST)
Updated Date: Friday, 30 January 2026 (01:44 IST)
Brihaspati ka vrishabh me gochar: ज्योतिष में बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है गुरु का वृषभ राशि में गोचर यानी प्रवेश करना। गुरु, जो बृहस्पति के नाम से भी जाना जाता है, वह संपत्ति, विद्या, धर्म कर्म, विवाह, बच्चे, आर्थिक स्थिति और भाग्य के संबंध में प्रभावी माना गया है। वृषभ राशि धन और संपत्ति का प्रतीक है, इसलिए गुरु का वृषभ में गोचर धन के संबंध में प्रभावी होता है।
गुरु का वृषभ में गोचर व्यक्ति को वित्तीय स्थिति में स्थिरता प्रदान कर सकता है। यदि गुरु कुंडली में शुभ है तो धन के संबंध में नई अवसरों की प्राप्ति हो सकती है, और जातक की आर्थिक स्थिति में सुधार हो सकता है। इस गोचर के समय धन का प्रवाह बढ़ सकता है और व्यक्ति को आर्थिक सुख-संपत्ति का लाभ हो सकता है।
इसके अलावा, यह गोचर व्यक्ति को धार्मिक और आध्यात्मिक गतिविधियों में भी रुचि बढ़ा सकता है, और उसे अध्ययन और ध्यान में स्थिरता और सहयोग प्राप्त हो सकता है। धार्मिक कार्यों में सफलता के लिए भी यह गोचर शुभ माना जाता है।
यदि व्यक्ति की जन्मकुंडली में गुरु के दोष हैं, तो यह गोचर उन दोषों को निवारित करने में सहायक हो सकता है। इसके लिए आप ज्योतिष के उपाय कर सकते हैं।
किस राशि के लिए शुभ और किसके लिए अशुभ : वृषभ राशि में गुरु का गोचर धनु और मीन राशियों के लोगों के लिए विशेष रूप से शुभ होता है, जबकि मिथुन और कन्या राशि के जातकों के लिए इसके प्रभाव में कमी हो सकती है।
यहां यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि ज्योतिष में गोचर का प्रभाव कई परामर्श और कुंडली के अनुसार भिन्न-भिन्न होता है, इसलिए यह अनुमान नहीं किया जा सकता कि एक ही गोचर सभी के लिए एक जैसा प्रभाव देगा। व्यक्तिगत कुंडली के अनुसार ज्योतिषाचार्य से परामर्श लेना उपयुक्त होगा।