khatu shyam baba

Select Your Language

Notifications

webdunia
webdunia
webdunia
webdunia

अनुष्‍का और विराट के बेटे अकाय की कुंडली में बना राजयोग, कैसा होगा भविष्य

Advertiesment
Akay kohli kundali yog
Akay kohli virat son: 15 फरवरी को विराट कोहली और अनुष्‍का शर्मा के घर पुत्र का जन्‍म हुआ। उन्होंने अपने पुत्र का नाम अकाय रखा। अकाय का अर्थ होता है जिसका कोई आकार नहीं हो यानी जो निराकार है या जिसकी कोई काया नहीं है। दरअसल यह शिवजी का एक नाम है। 15 फरवरी को ग्रह नक्षत्रों की क्या स्थिति थी? आओ जानते हैं कि उस दिन जन्मे बच्चों की कुंडली के विशेष योग।
15 फरवरी ग्रह नक्षत्रों की स्थिति:-
  • 15 फरवरी को षष्ठी तिथि और अश्विनी नक्षत्र था। वार गुरुवार और शुक्ल योग था।
  • लग्न में सूर्य और शनि कुंभ राशि में, दूसरे भाव में राहु मीन राशि में, पराक्रम भाव में चंद्र और गुरु मेष राशि में, केतु अष्टम भाव का होकर कन्या राशि में और द्वादश भाव के मकर राशि में बुध, शुक्र और मंगल की युति थी।
  • मेष राशि में चंद्रमा और गुरु यानी बृहस्पति की युति के चलते गजकेसरी नामक राजयोग निर्मित हुआ था।
  • मकर राशि में बुध और शुक्र की युति से अत्यंत शुभ लक्ष्मी नारायण योग बना था।
  • यानी 15 फरवरी को गजकेसरी योग के साथ ही लक्ष्मी नारायण योग था।
ALSO READ: विराट कोहली दूसरी बार बने पिता, अनुष्का ने बेटे को दिया जन्म
गजकेसरी योग : कहते हैं कि इस योग के बनने से व्यक्ति के जीवन में कभी भी धन-सम्पदा, स्त्री सुख, सन्तान सुख, घर, वाहन, पद-प्रतिष्ठा, सेवक आदि में किसी भी प्रकार की कमी नहीं आती है। वह जीवन पर्यंत सुख-समृद्धि युक्त रहता है और वह सफलता के शिखर को छूता है और वह उच्चपद प्राप्त करता है। इस योग को अत्यंत शुभ माना जाता है।
 
लक्ष्मी नारायण योग : बुध को बुद्धि, वाणिज्य और शुक्र को विलासितापूर्ण जीवन आदि का कारक माना गया है। जब यह योग बनता है तो जातक को अचानक से धनलाभ होता है। उसके जीवन में किसी भी प्रकार से धन की कमी नहीं होती है। इस योग के प्रभाव से उसकी बुद्धि और प्रतिभा बहुत ही प्रखर होती है। इस योग से जातक को जीवन में कोई संघर्ष नहीं करना पड़ता है।
 
उच्च का मंगल : मेष राशि में जन्‍म होने की वजह से बच्‍चे का मूल ग्रह मंगल ही माना जाएगा और कुंडली में मंगल मकर राशि में होकर उच्च का हुआ है। मंगल की उच्चता के चलते जातक को हर क्षेत्र में विजय मिलेगी।
 
अस्वीकरण (Disclaimer) : चिकित्सा, स्वास्थ्य संबंधी नुस्खे, योग, धर्म, ज्योतिष, इतिहास, पुराण आदि विषयों पर वेबदुनिया में प्रकाशित/प्रसारित वीडियो, आलेख एवं समाचार सिर्फ आपकी जानकारी के लिए हैं, जो विभिन्न सोर्स से लिए जाते हैं। इनसे संबंधित सत्यता की पुष्टि वेबदुनिया नहीं करता है। सेहत या ज्योतिष संबंधी किसी भी प्रयोग से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें। इस कंटेंट को जनरुचि को ध्यान में रखकर यहां प्रस्तुत किया गया है जिसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है।
 

Share this Story:

Follow Webdunia Hindi

अगला लेख

Fridge Vastu: वास्तु शास्त्र के अनुसार घर में फ्रिज कहां रखना चाहिए?