rashifal-2026

पितृ कवच के पाठ से होगा पितृ दोष निवारण, अवश्य पढ़ें...

Webdunia
* अपने पितरों को प्रसन्न करने के लिए पढ़ें पितृ कवच... 
 
पितृ कवच का पवित्र पाठ 
 
कृणुष्व पाजः प्रसितिम् न पृथ्वीम् याही राजेव अमवान् इभेन।
 
तृष्वीम् अनु प्रसितिम् द्रूणानो अस्ता असि विध्य रक्षसः तपिष्ठैः॥
 
तव भ्रमासऽ आशुया पतन्त्यनु स्पृश धृषता शोशुचानः।
 
तपूंष्यग्ने जुह्वा पतंगान् सन्दितो विसृज विष्व-गुल्काः॥
 
प्रति स्पशो विसृज तूर्णितमो भवा पायु-र्विशोऽ अस्या अदब्धः।
 
यो ना दूरेऽ अघशंसो योऽ अन्त्यग्ने माकिष्टे व्यथिरा दधर्षीत्॥
 
उदग्ने तिष्ठ प्रत्या-तनुष्व न्यमित्रान् ऽओषतात् तिग्महेते।
 
यो नोऽ अरातिम् समिधान चक्रे नीचा तं धक्ष्यत सं न शुष्कम्॥
 
ऊर्ध्वो भव प्रति विध्याधि अस्मत् आविः कृणुष्व दैव्यान्यग्ने।
 
अव स्थिरा तनुहि यातु-जूनाम् जामिम् अजामिम् प्रमृणीहि शत्रून्।
 
अग्नेष्ट्वा तेजसा सादयामि॥

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

मकर संक्रांति पर बन रहे हैं शुभ योग, 3 राशियों को मिलेगा आशीर्वाद

Magh Maas: माघ माह का महत्व और पौराणिक कथा

न्याय का प्रतीक घंटा: क्यों बजाते हैं घंटी और क्या महत्व है इसका?

Year 2026 predictions: रौद्र संवत्सर में होगा महासंग्राम, अपनी अपनी जगह कर लें सुरक्षित

भविष्य मालिका की भविष्‍यवाणी 2026, 7 दिन और रात का गहरा अंधेरा

सभी देखें

धर्म संसार

क्या सच में फिर से होने वाला है ऑपरेशन सिंदूर प्रारंभ, क्या कहती है भविष्यवाणी

Guru Gokuldas: गुरु गोकुलदास जयंती: जीवन परिचय, 6 अनसुने तथ्य, महत्व और प्रमुख शिक्षाएं

स्वामी विवेकानंद की जयंती पर इस बार बंगाल में क्या खास है?

6 जनवरी को एपिफेनी और 7 जनवरी को क्रिसमस का त्योहार

Tilkuta Chauth 2026: तिल-संकटा चौथ पर कैसे करें पूजन, जानें मुहूर्त, महत्व और विधि

अगला लेख