shiv chalisa

गंगा दशहरा पर पढ़ें मां गंगा की पवित्र आरती

Webdunia
जय गंगा मैया मां जय सुरसरी मैया।
भवबारिधि उद्धारिणी अतिहि सुदृढ़ नैया।।
 
हरी पद पदम प्रसूता विमल वारिधारा।
ब्रम्हदेव भागीरथी शुचि पुण्यगारा।।
 
शंकर जता विहारिणी हारिणी त्रय तापा।
सागर पुत्र गन तारिणी हारिणी सकल पापा।।
 
गंगा-गंगा जो जन उच्चारते मुखसों।
दूर देश में स्थित भी तुरंत तरन सुखसों।।
 
मृत की अस्थि तनिक तुव जल धारा पावै।
सो जन पावन होकर परम धाम जावे।।
 
तट-तटवासी तरुवर जल थल चरप्राणी।
पक्षी-पशु पतंग गति पावे निर्वाणी।।
 
मातु दयामयी कीजै दीनन पद दाया।
प्रभु पद पदम मिलकर हरी लीजै माया।।

ALSO READ: गंगा दशहरा विशेष : श्री गंगा स्तोत्र से मिलेगा पवित्र नदी में स्नान का पुण्य
 

सम्बंधित जानकारी

Show comments
सभी देखें

ज़रूर पढ़ें

कुंभ राशि में सूर्य-राहु की युति: 13 फरवरी से 'ग्रहण योग', इन 4 राशियों के लिए सावधानी का समय

Mahashivratri upay: महाशिवरात्रि पर इस बार बन रहे हैं दुर्लभ योग, रात को इस समय जलाएं दीपक

वरुण का दुर्लभ गोचर: 168 साल बाद मीन राशि में, 6 राशियों पर पड़ेगा गहरा असर

चार धाम यात्रा 2026 रजिस्ट्रेशन जरूरी, यहां देखें स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रिया

Venus Transit in Aquarius: 12 राशियों का भविष्य बदलेगा, जानिए राशिफल

सभी देखें

धर्म संसार

सूर्य ग्रहण 17 फरवरी 2026: जानें सभी 12 राशियों पर क्या पड़ेगा असर, देखें पूरा राशिफल

गुरु समर्थ रामदास नवमी कब है, क्यों मनाई जाती है?

मेष राशि पर साढ़ेसाती का प्रथम, मीन पर दूसरा और कुंभ पर अंतिम चरण, सिर्फ 3 उपाय से मिलेगा लाभ

कुंभ राशि में सूर्य पर राहु का साया: महाशिवरात्रि के बाद सूर्यग्रहण योग, 12 राशियों पर असर और उपाय जानें

सूर्य का कुंभ राशि में गोचर 2026: सभी 12 राशियों पर पड़ेगा असर, जानें पूरा राशिफल

अगला लेख