जमीन से चंद्रयान-1 पर डीप स्पेस स्टेशन (डीएसएन), स्पेसक्राफ्ट कंट्रोल सेंटर (एसएससी) तथा इंडियन स्पेश साइंस डाटा सेंटर (आईएसएसडीसी) के द्वारा नजर रखी गई। उपलब्धियों के धनी इस देश ने अब तकनीकी सफलताओं को अपना लक्ष्य बना लिया है। चंद्रयान की सफलता के बाद हुई एक संगोष्ठी में भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (इसरो) के अध्यक्ष जी. माधवन नायर ने कहा कि चंद्रयान-द्वितीय 2012 तक प्रक्षेपित किया जाएगा। इसके लिए हमारे पास एक लैंडर होगा, जो चंद्रमा पर एक छोटा रोबोट छोड़ेगा। वह नमूने उठाएगा, आँकडे़ का विश्लेषण करेगा और आँकड़े को वापस भेजेगा। पहले ही चंद्रयान द्वितीय के लिए परियोजना बनाई जा चुकी है। |