Hanuman Chalisa

84 महादेव : श्री दुर्धरेश्वर महादेव(70)

Webdunia
नेपाल में एक राजा दुर्धर्ष था। उसकी तीन रानियां थी। एक समय मृगया करते हुए वह एक तालाब पर पहुंचा। वहां उसे एक सुंदर कन्या दिखाई दी। वे दोनों एक-दूसरे पर मोहित हो गए। उसने कन्या से उसका परिचय पूछा। कन्या ने कहा वह कल्प मुनि की कन्या है। आप मुनि के पास जाकर मेरा हाथ मांगो। राजा ने वैसा ही किया। कल्प मुनि ने कन्या का राजा से विवाह करा दिया। राजा वहीं मुनि के आश्रम में रहने लगे। कुछ दिन बाद एक राक्षस उस कन्या को हरकर ले गया। राजा बहुत दुःखी हुआ। मुनि ने उसे समझाया और अवंतिकापुरी में ब्रह्मेश्वर के पश्चिम में स्थित लिंग के पूजन की सलाह दी।

राजा तुरंत अवंतिका नगरी आया और उसने वैसा ही किया जैसा मुनि ने कहा था। शिवलिंग की पूजा करते ही उसे मंदिर में उसकी स्त्री प्राप्त हो गई। तब राजा उसे लेकर नेपाल चला गया। दुर्धर्ष राजा के पूजन करने से इस शिवलिंग का नाम दुर्धरेश्वर के नाम से विख्यात हुआ। मान्यता है कि जो मनुष्य रविवार की संक्रांति पर इस शिवलिंग का पूजन करता है उसे शिवलोक प्राप्त होता है।

अधिक मास कब से कब तक? इस पवित्र महीने में करें ये 5 शुभ काम, खुल सकता है भाग्य

क्या आपके मोबाइल नंबर का अंतिम अंक आपके लिए शुभ है ?

साल में 2 बार क्यों आता है खरमास? जानिए मलमास, अधिकमास और पुरुषोत्तम मास का रहस्य

हिंदू पुराण, ज्योतिष, नास्त्रेदमस, बाबा वेंगा और भविष्‍य मालिका की 6 कॉमन भविष्यवाणियां

1914 के विश्‍व युद्ध का इतिहास दोहराएगा 2026, दोनों साल के कैलेंडर में चौंकाने वाली समानता

हनुमानजी के 10 चमत्कारी मंदिर, तस्वीरों में करें दिव्य दर्शन

Hanuman Jayanti 2026: हनुमानजी को बेहद प्रिय हैं ये 7 भोग, पूजा में जरूर लगाएं

02 April Birthday: आपको 2 अप्रैल, 2026 के लिए जन्मदिन की बधाई!

Aaj ka panchang: आज का शुभ मुहूर्त: 2 अप्रैल 2026: गुरुवार का पंचांग और शुभ समय

Good Friday 2026: गुड फ्राइडे क्यों है खास दिन, क्या करते हैं ईसाई लोग इस दिन?