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दहेज अभिशाप है, जानिए आज की महिलाओं की सोच

Webdunia
सुरभि भटेवरा

दहेज अभिशाप है, आज की महिलाओं की यही सोच है। वेबदुनिया टीम ने बात की नारी शक्ति से....जानिए यहां...
दहेज जैसी समस्‍या का हल एक ही है लड़की स्‍वयं उसका विरोध करें और उससे लड़ें। इतनी मजबूत बनें कि लड़कियां लड़कों से कम नहीं है। वो कर सकती है लेकिन समाज ने ऐसा बना दिया है कि लड़कियों को हमेशा लडकों से कम आंका जाता है। जिस दिन लड़कियां आत्‍मविश्‍वास जीत जाएंगी, यह सभी समस्‍या खत्‍म हो जाएगी। लड़कियां शुरू से आत्‍मनिर्भर बनें - यामिनी अग्रवाल
 
आजकल की लड़कियां काफी स्‍मार्ट है, वो सब जानती है कैसे व्‍यवहार करना है, क्‍या करना चाहिए। स्ट्रांग है, हमें अपनी लाइफ खुद सेट करना है, किसी पर निर्भर नहीं है। दहेज हो या दुष्‍कर्म जो हो रहे हैं उसे लेकर सरकार को कुछ करना चाहिए। ये एक मेंटल डिसीज है। उन्‍हें मेंटल हॉस्पिटल में डाल देना चाहिए- चंद्राणी माटवनकर 
 
लड़कियों को इंडिपेंडेंट होना चाहिए लेकिन सॉफ्टनेस को नहीं खोना चाहिए। हां लेकिन आज दुष्‍कर्म, दहेज के कारण हत्या इसलिए हो रहे हैं क्‍योंकि लड़का और लड़की के अनुपा‍त असंतुलित हो रहे हैं। लड़कियों को मार दिया जा रहा है, कभी कोख में तो कभी अन्य तरीकों से, लड़कियों का परसेंटेज ही बहुत कम हो गया है। आज लड़कों की शादी नहीं हो पा रही दहेज जैसी गंदी प्रथा बंद होना चाहिए- गायत्री वागले      
 

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