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उड़ीसा में एक जगन्नाथ मंदिर ऐसा भी है जहां नहीं निकलती रथयात्रा, जानिए आप भी...

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उड़ीसा का ऐसा जगन्नाथ मंदिर, जहां नहीं है कोई भी प्रतिमा 
 
उड़ीसा के इस जगन्नाथ मंदिर नहीं होती है रथयात्रा और न ही स्थापित है यहां कोई मूर्ति
 
 
 उड़ीसा के पुरी स्थित जगन्नाथ मंदिर की विश्व प्रसिद्ध रथयात्रा में भाग लेने के लिए देश-विदेश से लाखों श्रद्धालु और पर्यटक पहुंचे हैं। लेकिन उड़ीसा में ही एक मंदिर ऐसा भी है जहां न प्रतिमा है ना ही यहां रथयात्रा निकल‍ती है।  
 
मरदा स्थित इस जगन्नाथ मंदिर में कोई देवी-देवता ही स्थापित नहीं हैं। कहते हैं, सन 1733-35 के दौरान जब कलिंग शैली के मंदिरों को मुस्लिम आक्रांता निशाना बना रहे थे, तब यह मंदिर पुरी के जगन्नाथ मंदिर के देवी-देवताओं की मूर्तियों को छिपाने की जगह थी।
 
बाद में स्थिति शांत होने पर यहां से देवी-देवताओं की मूर्तियां वापस पुरी ले जायी गईं। चूंकि देवी-देवताओं ने मरदा में शरण ले रखी थी अतएव यह जगह ‘शरण श्रीक्षेत्र’ के रूप में चर्चित हो गयी। तब से इस मंदिर में कोई देवी-देवता नहीं है, इसलिए यहां रथयात्रा उत्सव का कभी आयोजन नहीं हुआ। 
 
आठ साल पहले इस स्थान की यात्रा करने वाले जगन्नाथ संप्रदाय के सेवायतों और शोधकर्ताओं ने दुनिया को इस मंदिर का महत्व बताने का बीड़ा उठाया और पुरी की यात्रा करने वालों से मरदा भी जाने की अपील की। गंजाम के मरदा में 300 साल पुराने इस मंदिर में किसी तरह का कोई अनुष्ठान संपन्न नहीं होता है।
 

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