सुप्रीम कोर्ट का फैसला, अदालती कार्यवाही का होगा सीधा प्रसारण, जल्द बनेंगे कायदे-कानून

Webdunia
बुधवार, 26 सितम्बर 2018 (16:06 IST)
नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को एक महत्वपूर्ण फैसला सुनाते हुए व्यापक जनहित में संवैधानिक महत्व के मामलों की सुनवाई के सीधे प्रसारण की अनुमति दे दी। मुख्य न्यायाधीश दीपक मिश्रा, न्यायमूर्ति एएम खानविलकर और न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूड़ की खंडपीठ ने कहा कि इस प्रक्रिया की शुरुआत उच्चतम न्यायालय से, खासकर मुख्य न्यायाधीश की पीठ से होगी।
 
सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि अदालती कार्यवाही के सीधे प्रसारण से कार्यवाही में पारदर्शिता आएगी और यह लोकहित में होगा। न्यायालय ने कहा कि हालांकि इसके लिए यथाशीघ्र कायदे-कानून बनाए जाएंगे। न्यायालय का यह आदेश वरिष्ठ अधिवक्ता इंदिरा जयसिंह एवं अन्य की याचिकाओं पर आया है।
 
सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने कहा था कि पायलट परियोजना के तौर पर मुख्य न्यायाधीश की पीठ के समक्ष आने वाले संवैधानिक मामलों की सुनवाई की वीडियो रिकॉर्डिंग और सीधा प्रसारण किया जा सकता है। अटॉर्नी जनरल केके वेणुगोपाल ने दलील दी थी कि आगे चलकर पायलट परियोजना की कार्यपद्धति का विश्लेषण किया जाएगा और उसे ज्यादा प्रभावी बनाया जाएगा।
 
जयसिंह ने याचिका में मांग की थी कि संवैधानिक और राष्ट्रीय महत्व के मामलों की सुनवाई का सीधा प्रसारण किया जाए, क्योंकि नागरिकों के लिए यह सूचना पाने का अधिकार है। उन्होंने कहा कि पश्चिमी देशों में भी ऐसा होता है।

सम्बंधित जानकारी

Show comments

जरूर पढ़ें

tirupati laddu पर छिड़ी सियासी जंग, पशु चर्बी के दावे पर तेदेपा-वाईएसआरसीपी आमने-सामने

Kolkata Doctor Case : जूनियर डॉक्‍टरों ने खत्‍म की हड़ताल, 41 दिन बाद लौटेंगे काम पर

कटरा चुनावी रैली में कांग्रेस-नेकां पर गरजे PM मोदी, बोले- खून बहाने के पाकिस्तानी एजेंडे को लागू करना चाहता है यह गठबंधन

Mangaluru : 2 सिर और 4 आंख वाला दुर्लभ बछड़ा पैदा हुआ, देखने के लिए उमड़ा हुजूम

वन नेशन वन इलेक्शन में दक्षिण भारत पर भारी पड़ेगा उत्तर भारत?

सभी देखें

नवीनतम

Weather Updates: जाते जाते मानसून कई राज्यों को कर रहा तरबतर, IMD ने जारी किया 13 राज्यों को लेकर येलो अलर्ट

संभल में गिरा ऐतिहासिक चक्की का पाट, क्या है इसका आल्हा उदल से कनेक्शन?

भारत यूं ही कोयला निकालता रहा तो दोगुना होगा मीथेन उत्सर्जन

कांग्रेस नेता हुड्‍डा ने बताया, 10 साल बाद भाजपा को क्यों याद आई लाडो लक्ष्मी योजना?

Ground Report : तिरुपति के लड्डू प्रसाद में पशु चर्बी वाला घी, कमीशन के लालच में आस्था से खिलवाड़, क्या है सच

अगला लेख
More