Hanuman Chalisa

नहीं रहे रामविलास पासवान, इन 5 बातों के लिए रखा जाएगा याद

Webdunia
शुक्रवार, 9 अक्टूबर 2020 (08:15 IST)
नई दिल्ली। देश के प्रमुख दलित नेताओं में से एक केन्द्रीय मंत्री रामविलास पासवान का गुरुवार को निधन हो गया। वह 74 वर्ष के थे। पासवान ने जेपी आंदोलन के दौरान बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया था और उस दौरान आपातकाल का विरोध करने के कारण उन्हें जेल भी जाना पड़ा था।

दिवंगत केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान  के पार्थिव शरीर को दोपहर 2 बजे पटना लाया जाएगा। इसके बाद पार्थिव शरीर को एयरपोर्ट से लोक जनशक्ति पार्टी के प्रदेश कार्यालय में अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा। उनका अंतिम संस्कार शनिवार को किया जाएगा। पासवान को उनकी इन 5 खुबियों के लिए हमेशा याद रखा जाएगा...
 
-रामविलास पासवान हवा का रुख भाप लेते थे। उन्हें जनता की नब्ज को समझने में भी महारत हासिल थी। 51 साल के राजनीतिक सफर में नेताओं के साथ ही लोगों के भी चहेते ही बने रहे। रामविलास पासवान अक्सर कहते थे कि नेता वही हैं, जो 10 साल आगे की सोचता है।
-1989 के बाद से नरसिम्हा राव और मनमोहन सिंह की दूसरी यूपीए सरकार को छोड़ वो हर प्रधानमंत्री की सरकार में मंत्री रहे। UPA, NDA और तीसरे मोर्चे की सरकार में भी उन्हें मंत्री बनाया गया।
-पासवान राष्ट्रीय स्तर पर दलित राजनीति के सबसे बड़े चेहरे थे। वे दलितों को संविधान और कानून में दिए गए अधिकारों की रक्षा के लिए हमेशा खड़े रहते थे। पासवान ने दलितों, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों के उत्थान के लिए सदैव कार्य करते रहे। 

-रामविलास पासवान ने श्रम, रेल, संचार, खदान, रसायन और उर्वरक, उपभोक्ता व खाद्य जैसे मंत्रालयों की जिम्मेदारी संभाली। उन्हें पता था कि अधिकारियों से काम कैसे कराया जाता है।
-राजनीतिक मतभेदों के बावजूद हर पार्टी के नेताओं से उनके व्यक्तिगत संबंध अच्‍छे रहे और उन्होंने कुशलता से 
इसे मजबूती दी। 

सम्बंधित जानकारी

Show comments

जरूर पढ़ें

कभी चीन का 'सुब्रत रॉय सहारा', अब उम्रकैद, Evergrande के Hui Ka Yan की कहानी ने क्यों चौंकाया?

राहुल गांधी की मांग के आगे झुकी दिल्ली पुलिस, धरने के बाद NEET पैलेट पीड़ित छात्र साहिल की FIR लिखी

H1N1 Cases: दिल्ली-NCR में 1,700 से ज्यादा मामले, मुंबई में भी तेजी, बच्चों में फ्लू जैसे लक्षण बढ़े, जानें बचाव और कब कराएं टेस्ट

भारत में चीनी के दाम बढ़ने से Pakistan को क्यों दिखा फायदा, दिल्ली के फैसले से क्यों हुआ बैचेन

सांप के डसने से कोमा में जा रहा था एंबुलेंस ड्राइवर, दोस्तों ने 2 घंटे में मारीं 400 थपकियां; 30 इंजेक्शन भी बेअसर

सभी देखें

नवीनतम

राहुल गांधी के सामने छात्रा ने उठाया AI और Cyber Security का मुद्दा, पूछा- महंगी पढ़ाई से गरीब छात्रों का क्या होगा

बाढ़ प्रभावितों के लिए प्रशासनिक मशीनरी को पूरी तरह सक्रिय, CM योगी के निर्देश पर राहत-बचाव कार्य तेज

पूर्वी यूपी की विरासत और झरनों से रूबरू होंगे 80 बाइकर्स, ‘द राइडिंग चैप्टर्स-2’ में दिखेगा उत्तर प्रदेश का नया अंदाज

122 बच्चों की पढ़ाई 2 कमरों में कैद, स्कूल भवन गिरने के 3 साल बाद भी नहीं बनी नई इमारत, 4 घंटे बाहर बैठे रहे बच्चे

राष्ट्रगान के बीच कार्यक्रम से चले गए यूपी विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना, सामने आया वीडियो

अगला लेख