गुयाना में भारतीयों के लिए उद्योग के अवसर- डॉ. श्रीनिवास
वेस्ट इंडीज में भारत के राजदूत डॉ. श्रीनिवास ने अमलनेर मंगलग्रह मंदिर में दी यह जानकारी
Publish Date: Fri, 20 Jan 2023 (11:56 IST)
Updated Date: Fri, 20 Jan 2023 (12:14 IST)
अमलनेर- Shri Mangal Dev Grah Mandir Amalner: महाराष्ट्र के जलगांव के पास अमलनेर में स्थित प्राचीन मंगलदेव ग्रह मंदिर में दर्शन और महापूजा के बाद वेस्ट इंडीज में भारत के राजदूत डॉ. के.जे. श्रीनिवास ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि वेस्टइंडिज में भारतीय नागरिक बड़ी संख्या में रहते हैं। वेस्टइंडीज देश में 3 लाख से ज्यादा भारतीय हैं। यहां व्यापार के लिए अनुकूल वातावरण है और अनुबंध पर हस्ताक्षर पांच साल के लिए किया गया है।
डॉ. श्रीनिवासन जी ने कहा कि इस देश में शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग में काफी प्रगति हुई है। पूर्व श्रमिकों की आवश्यकता के कारण कई भारतीय वेस्टइंडीज चले गए। भारतीयों के लिए यहां व्यापार करने का अवसर है।
वेस्टइंडीज में भारतीय राजदूत डॉ. के.जे. श्रीनिवास ने महापूजा के बाद पत्रकारों से बातचीत में कहा कि कोरोना महामारी के दौरान दुनियाभर में टीकाकरण की कमी थी। ऐसे ही दौर में भारत ने पहली स्वदेशी वैक्सीन तैयार की थी। भारत ने कई सहयोगी देशों को भी वैक्सीन की आपूर्ति की थी। वेस्टइंडीज या अन्य देशों में भारत का प्रतिनिधित्व करते समय भारत से तुरंत मदद की जाती रही है। यहां के नागरिक हमेशा इस बात से अवगत रहते हैं कि भारत ने कोरोना महामारी के दौरान उन्हें टीके उपलब्ध कराकर उनकी जान बचाई है। ऐसा करके भारत ने दूसरे देशों में मिसाल पेश की है।
विदेशों में भी भारतीय संस्कृति की झलक : डॉ. श्रीनिवास ने कहा कि चूंकि इस देश में भारतीयों की संख्या 40 प्रतिशत से अधिक है, इसलिए जब आप यहां जाते हैं तो आपको लगता है कि आप भारत में हैं। वेस्टइंडीज देश में सबसे बड़ा मुस्लिम समुदाय है। लेकिन यह देश एक धर्मनिरपेक्ष देश के रूप में जाना जाता है। विभिन्न जातियों और धर्मों के लोग जैसे हिंदू, मुस्लिम, ईसाई सभी यहां एक साथ मिलजुलकर रहते हैं। इसलिए यह देश अन्य देशों की तुलना में आगे है। यहां पर श्रीराम और श्रीकृष्ण के भक्ति गीत सुनने के लिए लोग सुबह यहां आते हैं। इसलिए यहां भी भारतीय संस्कृति की झलक देखने को मिलती है।
जलगांव जिले में सोने के कारोबार की सराहना : एक भारतीय होने के नाते मेरा खानदेश आना पहले ही तय हो गया था। सोना खरीदा, क्योंकि जलगांव जिला सोने के कारोबार के लिए प्रसिद्ध है। इस दौरान डॉ. श्रीनिवास ने सुनारों की कला की भी सराहना की।