Publish Date: Fri, 22 Sep 2017 (15:34 IST)
Updated Date: Sat, 23 Sep 2017 (00:42 IST)
-विभूति शर्मा
चेन्नई और कोलकाता में जीतकर भारत की टीम ऑस्ट्रेलिया के साथ तीसरा अंतरराष्ट्रीय वन डे क्रिकेट मैच खेलने इंदौर पहुंच चुकी है। पहले दो मैच जीतकर इंडिया अंतरराष्ट्रीय वन डे रैंकिंग में अंकों के आधार पर दक्षिण अफ्रीका के बराबर (119) हो गया है, लेकिन दशमलव की गणना के कारण अभी नंबर दो पर है. इंदौर के होल्कर स्टेडियम पर इंडिया का रिकॉर्ड अविजित रहने का है, इसलिए यह भरोसे के साथ कहा जा सकता है कि यहां इंडिया नंबर वन की पदवी हासिल कर लेगा।
उफान चरम पर : इन्दौर में क्रिकेट का उफान एक बार फिर चरम पर है। मध्यप्रदेश की जनता व्याकुल हो रही है अपने क्रिकेट सितारों के जोहर देखने के लिए। सचिन और सहवाग जैसे अनेक सितारों ने इंदौर के मैदान पर प्रेमियों के दिल जीते हैं। साथ ही रिकॉर्ड बुक में सुनहरे पन्ने जोड़े हैं। प्रदेश और देश के कई हिस्सों से आए लोगों ने भी प्रिय सितारों का दिल जीतने में कोई कसर नहीं छोड़ी। इस बार भी जनता उमड़कर अपनी भूमिका के लिए तैयार हैं। अब बारी विराट कोहली और उनके जांबाजों की है। जनता में विराट के अलावा धोनी, हरेंद्र पंड्या, रवीन्द्र जड़ेजा आदि के गेंद और बल्ले से चमत्कारिक प्रदर्शन देखने की ललक हैं।
आंकड़े भारत के पक्ष में : इतिहास गवाह हैं कि भारतीय क्रिकेट के लिए इंदौर हमेशा सौभाग्यशाली साबित हुआ है। अंतरराष्ट्रीय मैच खेलने आई विदेशी टीमों को प्रायः यहां हार ही मिली। इंदौर में अब तक कुल 13 अंतरराष्ट्रीय वनडे हुए। नौ नेहरू स्टेडियम में और चार होल्कर स्टेडियम में। इनमें से 9 भारत ने जीते, 1-1 ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका ने। एक मैच टाई रहा, जबकि एक का रिजल्ट नहीं निकल सका।
वही इंदौर एक बार फिर तैयार है। एक नए मुकाबले के लिए। सामने है ऑस्ट्रेलिया जिसने इंदौर में एक जीत का स्वाद चखा है। हालांकि इस बार मैदान वह नहीं है जहां ऑस्ट्रेलिया जीता था। तब नेहरू स्टेडियम का मैदान था। अब होल्कर स्टेडियम है, जहां भारत का रिकॉर्ड अपराजेय रहने का है। इस बार तो भारतीय टीम भी अपराजेय मानी जाने वाली है।
समृद्ध इतिहास : इंदौर में क्रिकेट का इतिहास समृद्ध रहा हैं। होल्करों की इस नगरी में राजाओं ने क्रिकेट के शौक को जुनून की हद तक अपनाया। यही वजह है कि 1940 में मध्यप्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन का गठन होल्कर क्रिकेट एसोसिएशन के नाम से ही हुआ। इसने कर्नल सीके नायडू, कैप्टन मुश्ताक अली और जगदाले जैसे सर्वकालीन महान सितारे दिए हैं। नेहरू स्टेडियम के बाद शहर के बीचोंबीच महारानी उषाराजे ट्रस्ट क्रिकेट मैदान बना। मध्यप्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन ने इसे ही 2010 में होल्कर स्टेडियम नाम दिया। तीस हजार दर्शक क्षमता वाले इस स्टेडियम पर अभी तक हुए चारों अंतरराष्ट्रीय वनडे और एकमात्र टेस्ट मैच भारत ने ही जीते हैं।
होल्कर पर क्यों? : क्रिकेट मैचों का आयोजन नेहरू स्टेडियम से होल्कर स्टेडियम में शिफ्ट करने का मुख्य कारण तो यही है कि होल्कर मध्यप्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन का अपना मैदान है, जबकि नेहरू स्टेडियम इंदौर नगर निगम की मिल्कियत है। स्वाभाविक है इसका रखरखाव सरकारी तौरतरीकों से हुआ, जो कमजोर रहा।
लेकिन एक बड़ा रोचक कारण भी है। 25 दिसंबर 1997 को जब नेहरू स्टेडियम पर भारत श्रीलंका के बीच अंतरराष्ट्रीय वनडे प्रारंभ हुआ तो पिच ने ऐसे करतब दिखाए कि खिलाड़ियों के पसीने छूट गए और खेल तीन ओवर के भीतर ही निरस्त कर दिया गया। साथ ही आईसीसी ने दो साल के लिए नेहरू स्टेडियम को बैन कर दिया। इसके बाद मध्यप्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन ने अपने स्वयं के स्टेडियम पर खेलने का निर्णय लिया।
अभूतपूर्व उत्साह : विराट कोहली के नेतृत्व वाली टीम कोलकाता मैच के बाद अभूतपूर्व इंदौरी उत्साह के बीच तीसरा वन डे खेलेगी। इस उत्साह की झलक टिकट खरीदने के लिए 24 घंटे पहले लगी मीलों लम्बी लाइन ने दिखा दी। इस उत्साह के आगे आयोजक मध्य प्रदेश क्रिकेट असोसिएशन और प्रशासन भी पस्त नजर आया। दो दिन बिकने वाले टिकट एक ही दिन में बिक गए।
विभूति शर्मा
Publish Date: Fri, 22 Sep 2017 (15:34 IST)
Updated Date: Sat, 23 Sep 2017 (00:42 IST)