Publish Date: Thu, 01 Dec 2022 (13:15 IST)
Updated Date: Thu, 21 Mar 2024 (12:24 IST)
हिन्दू धर्म शास्त्रों में आपको हजारों मंत्र मिलेंगे। हर देवी और देवता का अपना एक अगल मंत्र है। मंत्र तीन प्रकार के होते हैं- वैदिक मंत्र, तांत्रिक मंत्र और शाबर मंत्र। सभी मंत्रों की शक्ति और साधना अलग अलग होती है। इसे तीन तरह से जपा जाता है- वाचिक, उपांशु और मानस। वाचिक यानी मुंह से, उपांशु यानी मंद स्वर में और मानस यानी मन में। आओ जानते हैं कि इन 10 में से दुनिया का सबसे शक्तिशाली मंत्र कौन-सा है।
1. पहला गायत्री मंत्र- यह दुनिया का पहला मंत्र है। ।।ॐ भूर्भुव: स्व: तत्सवितुर्वरेण्यं भर्गो देवस्य धीमहि धियो यो न: प्रचोदयात्।।- यह मंत्र ईश्वर और सूर्य को समर्पित है।
2. दूसरा महामृत्युंजय मंत्र है- ॐ त्र्यम्बकं यजामहे सुगन्धिंपुष्टिवर्द्धनम्। उर्वारुकमिव बन्धानान्मृत्योर्मुक्षीय माऽमृतात्।।
3. तीसरा शिव मंत्र है- ॐ नम: शिवाय। यही पंचाक्षरी मंत्र है।
4. चौथा विष्णु मंत्र है- ॐ विष्णवे नम:।
5. पांचवां दुर्गा मंत्र है- ॐ दुर्ग दुर्गाय नम:।
6. छठा राम मंत्र है- राम
7. सातवां कृष्ण मंत्र है- ॐ श्रीकृष्णाय शरणं मम।
8. आठवां हनुमान मंत्र है- ॐ हं हनुमते नम:।
9. नौवां मंत्र है- ॐ ओम को प्रणव मंत्र भी कहते हैं।
10. दसवां राम और कृष्ण मंत्र है- हरे कृष्ण हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे, हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे। इस राम और कृष्ण मंत्र में हरे शब्द श्री विष्णु और भगवान शिव का संबोधन माना जाता है। विष्णु जी को हरि और शिवजी को हर कहते हैं।
उपरोक्त 10 मंत्रों में से छठा मंत्र 'राम' और दसवां राम और कृष्ण मंत्र अर्थात हरे कृष्ण कृष्ण कृष्ण हरे हरे, हरे राम हरे राम राम राम हरे हरे को महामंत्र कहा गया है। लेकिन इन दोनों मंत्रों में सबसे शक्तिशाली मंत्र है- राम।
राम के आगे न तो ॐ है और इसके पीछे न ही नम: है। इस मंत्र को शिवजी और हनुमानजी सहित सभी देवी एवं देवता जपते हैं। इस मंत्र पर कई रिसर्च हो चुके हैं। कहते हैं कि बलशालियों में महाबलशाली राम है और रामजी से भी बढ़कर श्री राम जी का नाम है। जय श्रीराम।
Publish Date: Thu, 01 Dec 2022 (13:15 IST)
Updated Date: Thu, 21 Mar 2024 (12:24 IST)