Publish Date: Wed, 04 Nov 2015 (23:41 IST)
Updated Date: Wed, 04 Nov 2015 (23:44 IST)
पटना। भाजपा ने बिहार विधानसभा चुनाव में राजग की निश्चित जीत को लेकर बुधवार को विश्वास जताते हुए दावा किया कि वह सरकार बनाने के 122 सीटों के जादुई आंकड़े को पहले ही पार कर चुकी है और कल बाकी बचे 57 सीटों का चुनाव संपन्न हो जाने पर उसके गठबंधन को करीब दो तिहाई बहुमत प्राप्त हो जाएगा।
भाजपा के वरिष्ठ नेता और पूर्व उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने आज यहां कहा, हम बिहार में सरकार बनाने के आवश्यक 122 सीटों के जादुई आंकड़े को पहले ही पार कर चुके हैं। कल बाकी बची 57 सीटों का चुनाव संपन्न हो जाने पर उनका गठबंधन करीब दो तिहाई बहुमत प्राप्त कर लेगा।
उन्होंने अगले पांच सालों के दौरान बिहार में विकास और राजनीतिक स्थिरता के लिए राजग के पक्ष में जनादेश देने की जनता से अपील की। उन्होंने जदयू-राजद-कांग्रेस महागठबंधन पर अपने 25 सालों के कथित कुशासन के दौरान बिहार को बर्बाद करने का आरोप लगाते हुए कहा कि इससे अब जल्द ही छुटकारा मिलने वाला है।
सुशील मोदी ने महागठबंधन में तालमेल नहीं होने का दावा करते हुए कहा कि पूरे चुनाव प्रचार के दौरान न ही लालू और नीतीश ने मंच साझा किया और न ही इन दोनों ने कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी और पार्टी उपाध्यक्ष राहुल गांधी के साथ मंच साझा किया।
सुशील ने महागठबंधन द्वारा सीमांचल के मतदाताओं को प्रभावित करने के लिए बिहार विधानसभा चुनाव के परिणामों को लेकर आरएसएस के कथित आंकलन संबंधी गलत पर्चे बंटवाने का आरोप लगाते हुए कहा कि मतदाता के बीच राशि बंटवाने को लेकर भाजपा ने शिकायत दर्ज कराई है।
मिथलांचल के मतदाताओं को अपनी ओर आकर्षित करने के लिए सुशील ने लालू पर मैथिली भाषा को बिहार लोकसेवा की परीक्षा से हटाने का आरोप लगाया और कहा कि इसे राजग शासन में पुनर्बहाल किया गया।
उन्होंने कहा कि इसी प्रकार से कांग्रेस शासन में मैथिली भाषा को संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल नहीं किया गया जिसे अटल बिहारी वाजपेयी के कार्यकाल के दौरान शामिल किया गया।
दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को समर्थन देने संबंधी ट्वीट के बारे में पूछे जाने पर सुशील ने कहा कि केजरीवाल, बराक ओबामा या नवाज शरीफ बिहार के जनादेश को नहीं बदल सकते हैं क्योंकि प्रदेश की जनता ने सरकार बदलने के लिए भाजपा गठबंधन के पक्ष में मतदान किया है।
उन्होंने कहा कि अगर केजरीवाल नीतीश की सत्ता में वापसी चाहते थे तो उन्हें उनके लिए खुलकर प्रचार करना चाहिए था। (भाषा)